अटल पेंशन योजना छोड़ने वाले 1.49 करोड़ लोग, वजह और असली नुकसान

On: अगस्त 13, 2026 |
25 Views

अटल पेंशन योजना से अब तक 1.49 करोड़ लोग एग्जिट कर चुके हैं, जानें असली वजह और बीच में छोड़ने का नुकसान।

किसी महीने पैसे की तंगी हो गई और किस्त नहीं कट पाई, तो बहुत से लोग सोचते हैं कि अब खाता बंद हो गया होगा। कोई सोचता है, बीच में पैसे की ज़रूरत आ गई, अटल पेंशन योजना बंद करा लेते हैं, जो जमा है वो निकाल लेंगे। जून 2026 में India Today की एक RTI रिपोर्ट में पता चला कि ऐसा सोचने वाले अकेले नहीं हैं, 2015 में योजना शुरू होने के बाद से अब तक 1.49 करोड़ लोग इसे बीच में छोड़ चुके हैं। सिर्फ वित्त वर्ष 2025-26 में 30 लाख से ज़्यादा लोगों ने एग्जिट किया, जो अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा है।

पर इसी रिपोर्ट में PFRDA ने एक बात साफ कही जो ज़्यादातर लोग नहीं जानते, किस्त छूट जाने से खाता अपने आप बंद नहीं होता। और अगर तुम बीच में जानबूझकर खाता बंद कराते हो, तो नुकसान उतना आसान नहीं जितना लगता है।

कितने लोग जुड़े, कितने छोड़े

31 मार्च 2026 तक की सरकारी गिनती के मुताबिक तस्वीर कुछ ऐसी है।

आंकड़ासंख्या
कुल रजिस्ट्रेशन (शुरुआत से अब तक)8.96 करोड़
फिलहाल एक्टिव सब्सक्राइबर7.45 करोड़
कुल एग्जिट (शुरुआत से अब तक)1.49 करोड़
सिर्फ 2025-26 में नए जुड़े लोग1.35 करोड़ से ज़्यादा
सिर्फ 2025-26 में एग्जिट करने वाले30.24 लाख से ज़्यादा

मतलब साफ है, नए लोग जितनी तेज़ी से जुड़ रहे हैं, छोड़ने वालों की संख्या भी उतनी ही तेज़ी से बढ़ रही है। 2015-16 में सिर्फ 2 लोगों ने योजना छोड़ी थी, अब यह आंकड़ा लाखों में पहुंच चुका है।

किस्त छूट जाए तो खाता बंद नहीं होता

यह सबसे बड़ी गलतफहमी है। RTI में पूछा गया कि कितने लोगों ने रजिस्ट्रेशन के 1, 3 या 5 साल के अंदर योगदान देना बंद किया। PFRDA का जवाब था, APY में “डिसकंटिन्यूएशन” जैसी कोई चीज़ है ही नहीं। अगर किसी वजह से किस्त रुक जाती है, तो सब्सक्राइबर बाद में बकाया ब्याज और छूटी हुई किस्तें भरकर खाता फिर से चालू कर सकता है।

इसका मतलब यह नहीं कि देर करना सही है। पेनल्टी लगती रहती है और लगातार न भरने पर बैंक की तरफ से खाता फ्रीज़ भी हो सकता है। पर “एक बार किस्त छूटी तो पैसा डूब गया” वाली सोच गलत है। खाता ज़िंदा रहता है, बस उसे फिर से चालू करने के लिए बकाया चुकाना पड़ता है।

बीच में छोड़ने पर कितना नुकसान होता है

यहीं पर असली सवाल आता है। 60 साल से पहले खाता बंद कराना, यानी voluntary exit, PFRDA की गाइडलाइन में साफ लिखा है कि इसमें क्या मिलता है और क्या नहीं।

स्थितिक्या वापस मिलता है
60 साल के बाद सामान्य exitपूरा जमा पैसा, ब्याज, और सरकार का contribution भी
60 साल से पहले खुद खाता बंद करानासिर्फ अपना जमा किया पैसा + उस पर बना असली ब्याज, वो भी maintenance charge काटकर
मौत की स्थिति में जीवनसाथीया तो बचे हुए साल पूरे करने का विकल्प, या पूरा पैसा निकालने का विकल्प

जिन लोगों ने 31 मार्च 2016 से पहले खाता खुलवाया था और शुरुआती 5 साल सरकार का co-contribution पाया था, अगर वो अब बीच में खाता बंद कराते हैं, तो वो सरकार वाला हिस्सा और उस पर बना ब्याज वापस नहीं मिलता, सिर्फ अपना डाला हुआ पैसा मिलता है। यही वो नुकसान है जो ज़्यादातर “APY कैसे बंद करें” वाले आर्टिकल में साफ नहीं बताया जाता।

अगर सब्सक्राइबर की 60 से पहले मौत हो जाती है, तो जीवनसाथी के पास दो रास्ते हैं, या तो बाकी बचे साल पूरे करके खुद पेंशन लेना शुरू करे, या पूरा जमा पैसा निकाल ले। मौत के बाद यह विकल्प खुला रहता है, जो बीच में खुद खाता बंद कराने से बेहतर है।

60 से पहले खाता बंद कराने का तरीका

  • जिस बैंक या डाकघर में खाता है, वहाँ जाना होगा
  • APY Voluntary Exit Form भरना होगा
  • पासबुक और पहचान पत्र की कॉपी साथ लगानी होगी
  • बैंक अकाउंट नंबर वही देना होगा जो खाता खोलते वक्त दिया था, अलग नंबर देने पर एक्स्ट्रा प्रूफ मांगा जा सकता है
  • फॉर्म जमा करने के बाद प्रोसेसिंग में कुछ दिन लग सकते हैं

हाल ही में एक सर्कुलर के ज़रिए PFRDA ने Instant Bank Account Verification शुरू करने का प्रस्ताव दिया है, ताकि पैसा सही खाते में सही समय पर पहुंचे। [VERIFY: यह सर्कुलर किस तारीख का है, यह पूरा PDF पढ़ने पर साफ होगा]

किसे अभी खाता बंद नहीं कराना चाहिए

अगर सिर्फ इस महीने की तंगी की वजह से खाता बंद कराने का मन बना रहे हो, रुक जाओ। किस्त छूटने से खाता बंद नहीं होता, बाद में ब्याज सहित भरकर उसे बचाया जा सकता है। बीच में खाता बंद कराने पर सरकार का हिस्सा हमेशा के लिए हाथ से निकल जाता है, जो असली नुकसान है। अगर सच में कोई गंभीर मजबूरी है, टर्मिनल बीमारी या ऐसी हालत जहां पैसे की तुरंत ज़रूरत है, तभी exit का रास्ता अपनाओ। बाकी हालात में किस्त फिर से शुरू करना ज़्यादा समझदारी है।

यह जानकारी pfrda.org.in और aajtak.in पर 13 अगस्त 2026 को चेक की गई थी। पेंशन से जुड़े नियम समय-समय पर बदलते हैं, बड़ा फैसला लेने से पहले अपने बैंक या official पोर्टल से एक बार पुष्टि ज़रूर कर लें।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

किस्त कुछ महीने न भरूं तो क्या खाता बंद हो जाएगा? नहीं, PFRDA ने साफ किया है कि APY में अपने आप बंद होने वाली कोई व्यवस्था नहीं है। बकाया ब्याज सहित भरकर खाता फिर चालू किया जा सकता है।

60 से पहले खाता बंद कराऊं तो कितना पैसा मिलेगा? सिर्फ अपना जमा किया पैसा और उस पर बना असली ब्याज, maintenance charge काटकर। सरकार का हिस्सा वापस नहीं मिलता।

पैसा वापस आने में कितना समय लगता है? इसकी कोई तय समय सीमा official तौर पर नहीं बताई गई, पर फॉर्म जमा करने के बाद बैंक की प्रोसेसिंग में कुछ दिन से हफ्ते लग सकते हैं।

मेरी मौत हो जाए तो पत्नी को क्या मिलेगा? पत्नी या पति के पास दो विकल्प होंगे, बचे साल पूरे करके पेंशन शुरू करना, या पूरा जमा पैसा निकाल लेना।

क्या मैं इनकम टैक्स भरता हूं तो अब भी नया खाता खोल सकता हूं? अक्टूबर 2022 से नियम है कि जो इनकम टैक्स भरता है या भर चुका है, वह नया खाता नहीं खोल सकता। जिनका खाता उस तारीख से पहले खुल चुका था, उनका खाता चलता रहेगा।

क्या 1.49 करोड़ का आंकड़ा सिर्फ अफवाह है? नहीं, यह India Today की RTI रिपोर्ट से आया सरकारी आंकड़ा है, PFRDA के अपने जवाब पर आधारित है।

यह एक जानकारी देने वाला ब्लॉग है, कोई सरकारी या बैंक की वेबसाइट नहीं। हम खाता नहीं खुलवाते, बंद नहीं कराते और इसके लिए किसी से पैसे नहीं लेते। कोई भी फैसला लेने से पहले अपने बैंक या official पोर्टल पर एक बार खुद जानकारी ज़रूर चेक कर लें।

Share

Leave a Comment