दिल्ली विकलांगता पेंशन में कौन सी बीमारियां और दिव्यांगता कवर होती हैं, यहां जानें पूरी लिस्ट और आवेदन का तरीका।
[VERIFY] लिस्ट:
- दिल्ली दिव्यांग पेंशन योजना की अपनी कोई अलग उम्र सीमा है (जैसे 0-60 साल) या यह पूरी तरह UDID कार्ड जैसी बिना उम्र सीमा वाली है, यह दो स्रोतों में साफ तरह से एक जैसा नहीं मिला
- दिल्ली सरकार की अपनी लिस्ट में सभी 21 दिव्यांगताएं शामिल हैं या इसमें कुछ राज्य-स्तर पर अलग हैं, यह पूरी तरह पक्का कन्फर्म नहीं हो सका
जो नहीं खुला: discomm.delhi.gov.in का लाइव पेज सीधे नहीं खुल पाया, इस बार भी सिर्फ Google अनुवाद या सेकेंडरी स्रोतों से जानकारी जोड़ी गई है।
बहुत से लोग सोचते हैं दिव्यांगता पेंशन सिर्फ उन्हीं के लिए है जो चल नहीं सकते या देख नहीं सकते। असल में इस योजना के दायरे में बीस से ज़्यादा तरह की स्थितियां आती हैं, ऑटिज्म से लेकर थैलेसीमिया तक, पार्किंसंस से लेकर एसिड अटैक पीड़ितों तक। दिक्कत यह है कि यह पूरी लिस्ट कहीं आसान भाषा में एक जगह नहीं मिलती, ज़्यादातर आर्टिकल सिर्फ “40% दिव्यांगता चाहिए” कहकर रुक जाते हैं।
कितनी पेंशन मिलती है, पहली शर्त क्या है
दिल्ली विकलांगता पेंशन योजना में हर महीने ₹2,500 मिलते हैं। इसके लिए सबसे पहली और सबसे ज़रूरी शर्त है, आवेदक की दिव्यांगता 40% या उससे ज़्यादा होनी चाहिए, और इसका सत्यापन किसी सरकारी मेडिकल बोर्ड से हुआ होना चाहिए। सिर्फ खुद का दावा या किसी प्राइवेट डॉक्टर की पर्ची काफी नहीं है, बोर्ड की जांच अनिवार्य है।
कौन सी दिव्यांगता कवर होती है, पूरी लिस्ट
नीचे वो सभी स्थितियां हैं जो आमतौर पर दिव्यांगता की सरकारी परिभाषा में आती हैं।
| पूर्ण अंधापन और कम दृष्टि (लो विज़न) |
| कुष्ठ रोग से ठीक हो चुके व्यक्ति |
| बहरापन और सुनने में कमी |
| चलने-फिरने में दिव्यांगता (लोकोमोटर डिसएबिलिटी) |
| बौनापन (ड्वार्फिज्म) |
| बौद्धिक दिव्यांगता |
| मानसिक बीमारी |
| ऑटिज्म स्पेक्ट्रम डिसऑर्डर |
| सेरेब्रल पाल्सी |
| मस्कुलर डिस्ट्रॉफी |
| क्रॉनिक न्यूरोलॉजिकल स्थितियां |
| विशिष्ट सीखने की दिव्यांगता (लर्निंग डिसएबिलिटी) |
| मल्टिपल स्क्लेरोसिस |
| बोलने और भाषा संबंधी दिव्यांगता |
| थैलेसीमिया |
| हीमोफीलिया |
| सिकल सेल बीमारी |
| एक से ज़्यादा दिव्यांगता एक साथ |
| एसिड अटैक पीड़ित |
| पार्किंसंस बीमारी |
अगर तुम्हें या परिवार में किसी को इनमें से कोई भी स्थिति है, और उसकी गंभीरता 40% या उससे ज़्यादा आंकी जाती है, पेंशन के लिए आवेदन किया जा सकता है।
UDID कार्ड है क्या, पेंशन के लिए क्यों ज़रूरी है
UDID यानी Unique Disability ID Card, यह केंद्र सरकार का दस्तावेज़ है जो दिव्यांगता का प्रकार और प्रतिशत दर्ज करता है। यह कार्ड पूरे भारत में मान्य है, इसलिए एक बार बन जाए तो अलग-अलग राज्यों में बार-बार नया प्रमाण पत्र बनवाने की ज़रूरत नहीं पड़ती। इसके लिए भी वही 40% वाली शर्त है, और मेडिकल बोर्ड की जांच अनिवार्य है। नाबालिग बच्चों के लिए भी यह कार्ड बन सकता है, ऐसे मामलों में माता-पिता या अभिभावक की तरफ से आवेदन किया जाता है।
UDID कार्ड official वेबसाइट पर ऑनलाइन या नज़दीकी सरकारी अस्पताल/CMO कार्यालय से बनवाया जा सकता है।
आवेदन कैसे करें
- दिल्ली के e-District पोर्टल पर जाकर पहले खुद को रजिस्टर करो, इसके लिए आधार कार्ड अनिवार्य है
- रजिस्ट्रेशन के बाद उसी पोर्टल पर लॉगिन करो
- सेवा टैब में जाकर “दिल्ली दिव्यांग पेंशन योजना” चुनो
- ऑनलाइन आवेदन फॉर्म भरो और ज़रूरी दस्तावेज़ अपलोड करो
- फॉर्म जमा होने के बाद एक एप्लीकेशन नंबर मिलेगा, इसे संभालकर रखो
कौन से डॉक्यूमेंट चाहिए
- आधार कार्ड
- उम्र प्रमाण, जन्म प्रमाण पत्र या स्कूल सर्टिफिकेट
- दिव्यांगता प्रमाण पत्र या UDID कार्ड
- स्वघोषणा पत्र या आय प्रमाण पत्र
- BPL कार्ड, अगर लागू हो
- आधार से जुड़ी बैंक पासबुक की कॉपी
असल में क्या करना चाहिए
अगर पहले से UDID कार्ड नहीं बना है, पेंशन के लिए आवेदन करने से पहले यही पहला काम है, इसके बिना पेंशन का फॉर्म आगे नहीं बढ़ेगा। मेडिकल बोर्ड की तारीख के लिए नज़दीकी सरकारी अस्पताल से जल्द संपर्क करो, क्योंकि यह अपॉइंटमेंट कभी-कभी हफ्तों में मिलती है। अगर दिव्यांगता 40% से कम आंकी जाती है, इस योजना के लिए आवेदन का कोई फायदा नहीं, दूसरी सहायता योजनाओं के बारे में पूछताछ करना बेहतर रहेगा।
यह जानकारी policybazaar.com और yojanaworld.in पर 20 अगस्त 2026 को चेक की गई थी। मेडिकल बोर्ड और दस्तावेज़ों से जुड़े नियम आगे बदल सकते हैं, आवेदन से पहले अपने ज़िले के समाज कल्याण कार्यालय से एक बार पक्का पूछ लें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
कितनी दिव्यांगता होने पर पेंशन मिलेगी? 40% या उससे ज़्यादा, इसका सत्यापन सरकारी मेडिकल बोर्ड से होना ज़रूरी है।
कितनी पेंशन मिलती है? ₹2,500 प्रति माह।
क्या ऑटिज्म और सीखने की दिव्यांगता भी कवर होती है? हां, ऑटिज्म स्पेक्ट्रम डिसऑर्डर और स्पेसिफिक लर्निंग डिसएबिलिटी दोनों इसमें शामिल हैं।
UDID कार्ड ज़रूरी है क्या? हां, यही कार्ड दिव्यांगता का प्रतिशत और प्रकार दर्ज करता है, पेंशन के लिए इसकी ज़रूरत पड़ती है।
बच्चों के लिए भी यह पेंशन मिल सकती है? UDID कार्ड बच्चों के लिए भी बनता है, माता-पिता की तरफ से आवेदन होता है।
आवेदन का स्टेटस कैसे चेक करें? e-District पोर्टल पर “Track Your Application” में जाकर एप्लीकेशन नंबर डालकर।
यह एक जानकारी देने वाला ब्लॉग है, कोई सरकारी वेबसाइट नहीं। हम फॉर्म नहीं भरवाते और इसके लिए किसी से पैसे नहीं लेते। कोई भी फैसला लेने से पहले अपने ज़िले के समाज कल्याण कार्यालय या e-District पोर्टल पर एक बार खुद जानकारी ज़रूर चेक कर लें।





