राजस्थान में चिरंजीवी योजना बंद नहीं हुई, नाम बदलकर MAA हुआ है, अब ₹25 लाख तक मुफ्त इलाज मिलता है।
किसी ने कहा होगा, चिरंजीवी योजना अब बंद हो गई, अब सिर्फ आयुष्मान भारत चलती है। किसी और ने कहा होगा, दोनों अलग-अलग योजना हैं, कार्ड भी अलग बनवाना पड़ता है। दोनों बातें आधी सच हैं, आधी गलत। राजस्थान में जिसे लोग चिरंजीवी योजना कहते थे, वो बंद नहीं हुई, बस उसका नाम बदल गया है, अब वो मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना यानी MAA कहलाती है। और यह केंद्र वाली Ayushman Bharat-PM-JAY से अलग है, दोनों साथ-साथ चलती हैं, बस कवरेज अलग-अलग है।
फर्क समझना ज़रूरी है क्योंकि पैसे का बड़ा अंतर है। केंद्र की योजना में साल भर में ₹5 लाख तक का इलाज मुफ्त मिलता है, राजस्थान की अपनी योजना में यह सीमा ₹25 लाख तक जाती है। अगर तुम्हें सिर्फ ₹5 लाख वाली जानकारी पता है, तो तुम अपने हक का बड़ा हिस्सा जाने बिना ही छोड़ सकते हो।
चिरंजीवी योजना बंद नहीं हुई, नाम बदला है
2021 में तत्कालीन मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने मुख्यमंत्री चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना शुरू की थी। शुरुआत में ₹5 लाख का कवर था, फिर बढ़कर ₹10 लाख हुआ, और 2023-24 के बजट में इसे ₹25 लाख तक कर दिया गया, साथ में ₹10 लाख का अलग एक्सिडेंट कवर भी जोड़ा गया।
दिसंबर 2023 में भजनलाल शर्मा की सरकार आई। नई सरकार ने योजना को बंद नहीं किया, सिर्फ नाम बदल दिया, मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना। सुविधाएं और कवरेज लगभग वैसे ही रहे। दिक्कत यह है कि इंटरनेट पर अब भी बहुत सारे आर्टिकल पुराने मुख्यमंत्री का नाम लेकर लिखे जा रहे हैं, जैसे वो सरकार आज भी वही है। यह साफ बताता है कि यह जानकारी पुरानी है, बस साल बदलकर छापी जा रही है।
| केंद्र की PM-JAY | राजस्थान की MAA योजना | |
|---|---|---|
| सालाना कवरेज | ₹5 लाख | ₹25 लाख + ₹10 लाख एक्सिडेंट कवर |
| कहां चलती है | पूरे भारत में | मुख्यतः राजस्थान में, कुछ महंगे इलाज देश भर में |
| शुरू कब हुई | 2018 | 2021, नाम 2024 में बदला |
अगर तुम राजस्थान के निवासी हो और पात्र परिवार में आते हो, तो दोनों का लाभ जुड़कर मिलता है। सिर्फ PM-JAY वाली ₹5 लाख की सीमा तक सोचकर मत रुक जाओ।
किसे मुफ्त मिलेगी, किसे प्रीमियम देना होगा
- BPL परिवार, जो SECC 2011 के तहत पंजीकृत हैं
- NFSA यानी राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम वाले राशन कार्ड धारक
- छोटे और सीमांत किसान
- राज्य सरकार के संविदा कर्मचारी
इन सभी categories के लोगों का पूरा प्रीमियम राज्य सरकार खुद भरती है, यानी उन्हें कुछ नहीं देना पड़ता। जो परिवार इन categories में नहीं आते, वो भी योजना से जुड़ सकते हैं, बस उन्हें हर साल ₹850 का प्रीमियम देना होता है। [VERIFY: यह अमाउंट अभी भी लागू है या बदल गया, official पोर्टल से सीधे कन्फर्म नहीं हो सका]
[INTERNAL-LINK: जन आधार कार्ड कैसे बनवाएं, पूरी प्रक्रिया]
अप्लाई कैसे करें
- जन आधार नंबर या जन आधार पंजीकरण रसीद तैयार रखें, यह अनिवार्य है
- नज़दीकी e-Mitra या जन सेवा केंद्र पर जाएं
- वहां से रजिस्ट्रेशन करवाकर कार्ड बनवाएं
- अगर पहले से PM-JAY कार्ड बना है, तो उसकी डिटेल भी साथ में जुड़ जाती है
अस्पताल में भर्ती होते वक्त सिर्फ यही कार्ड दिखाना होता है, अलग से कोई भुगतान नहीं करना पड़ता, अगर अस्पताल पंजीकृत है।
कार्ड बना है फिर भी अस्पताल मना करे तो
यह शिकायत लगातार सुनने को मिलती है, कार्ड बना होने के बावजूद कोई प्राइवेट अस्पताल मुफ्त इलाज देने से मना कर देता है। दो वजह हो सकती हैं। या तो वो अस्पताल योजना में पंजीकृत ही नहीं है, या फिर वो जानबूझकर मरीज़ को टाल रहा है ताकि पैसे वसूल सके।
पंजीकृत अस्पतालों की लिस्ट official पोर्टल पर चेक की जा सकती है। अगर अस्पताल पंजीकृत होने के बावजूद मना करे, तो 14555 या 1800-11-4477 पर कॉल करके शिकायत दर्ज कराई जा सकती है, यह नंबर 24 घंटे चालू रहता है।
[INTERNAL-LINK: राजस्थान के जिलेवार आयुष्मान पंजीकृत अस्पतालों की लिस्ट]
क्या-क्या कवर नहीं होता
पूरा इलाज मुफ्त होने का मतलब यह नहीं कि हर खर्चा कवर है। कॉस्मेटिक सर्जरी, सिर्फ सुंदरता के लिए कराई गई स्किन ट्रीटमेंट, और सामान्य OPD जांच इसमें शामिल नहीं हैं। साथ ही, अगर परिवार में कोई सरकारी नौकरी करता है, ESIC जैसी दूसरी सरकारी स्वास्थ्य सुविधा पहले से ले रहा है, तो उस व्यक्ति को इस योजना का फायदा नहीं मिलता।
किसे क्या करना चाहिए
अगर तुम राजस्थान में रहते हो और पहले से सिर्फ PM-JAY कार्ड बनवाया है, MAA योजना में भी नाम जुड़वाओ, क्योंकि कवरेज पांच गुना ज़्यादा है। अगर तुम्हारे पास चिरंजीवी योजना का पुराना कार्ड है, घबराओ मत, वो अब भी वैध है, बस अगली बार अस्पताल में “मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना” के नाम से पूछो, कोई नया कार्ड बनवाने की ज़रूरत नहीं। अगर परिवार में कोई इनकम टैक्स भरता है या सरकारी नौकरी में है, उसका नाम अलग रखो, बाकी परिवार का फायदा नहीं रुकेगा।
यह जानकारी rajswasthya.rajasthan.gov.in और शिफ्ट हुई नई सरकार की जानकारी 13 अगस्त 2026 को चेक की गई थी। योजना के नियम और अमाउंट बदलते रहते हैं, कार्ड बनवाने से पहले नज़दीकी e-Mitra से एक बार पक्का जानकारी ले लें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या चिरंजीवी योजना बंद हो गई है? नहीं, वो बंद नहीं हुई, सिर्फ नाम बदलकर मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना कर दिया गया है।
राजस्थान में कितना इलाज मुफ्त मिलता है? ₹25 लाख सालाना, साथ में ₹10 लाख का अलग एक्सिडेंट कवर।
क्या पुराना चिरंजीवी कार्ड अब भी चलेगा? हाँ, पुराना कार्ड मान्य है, नया कार्ड बनवाने की ज़रूरत नहीं।
गैर पात्र परिवार को क्या करना होगा? हर साल ₹850 का प्रीमियम देकर योजना से जुड़ सकते हैं।
अस्पताल इलाज से मना कर दे तो क्या करें? 14555 या 1800-11-4477 पर शिकायत दर्ज कराएं।
क्या PM-JAY और MAA दोनों कार्ड अलग-अलग बनवाने पड़ते हैं? नहीं, दोनों जुड़े हुए हैं, एक कार्ड से दोनों का फायदा मिलता है।
यह एक जानकारी देने वाला ब्लॉग है, कोई सरकारी या अस्पताल की वेबसाइट नहीं। हम कार्ड नहीं बनवाते और इसके लिए किसी से पैसे नहीं लेते। कोई भी फैसला लेने से पहले नज़दीकी e-Mitra या official पोर्टल पर एक बार खुद जानकारी ज़रूर चेक कर लें।





